स्वार्थी बेटा | Heart Touching Hindi Story

26 Mar 2020
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लालची बेटा

भोपाल नाम के एक शहर में रौनक अपने माता पिता के साथ रहता था...रौनक के पिता ज्यादा श्यामदास के पास ज्यादा पैसे नहीं थे ... बस उनके पास उनके पुरखो की दी हुई एक पुरानी कोठी थी... जिसकी आज के समय में अच्छी कीमत थी...! रौनक के पिता रौनक की हर ख्वाहिश को पूरी करने की कोशिश करते थे... उन्होंने रौनक को अच्छे कालेज से इंजीयरिंग कराने के लिए लोगो से बड़ा कर्जा लिया था... यहाँ तक की रौनक की माँ अपने दिल के दर्द के बारे में भी कभी किसी से कुछ नहीं कहा... ताकि रौनक पढ़ लिख सके,!  रौनक की माँ -  पता नहीं ये दिल का दर्द कब मेरी जान ले ले बस एक बार मेरा बेटा काबिल हो जाये... और उसकी शादी देख लू फिर कोई गम नहीं....!  रौनक मन लगा कर इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा था... उसका एक ही सपना था की वो इंडिया के बाहर विदेश में नौकरी करने जाए...और अपने मन मुताबिक जिंदगी जिए...! इसी बीच रौनक कालेज में दिशा नाम की एक लड़की से प्यार करता था... और दिशा भी रौनक को पसंद करती थी...!  गुजरते समय के साथ ही रौनक की पढाई पूरी हो गयी और उसने विदेश में नौकरी के लिए अप्लाई करना शुरू कर दिया...! कई इंटरव्यू देने के बाद आखिर रौनक की विदेश में नौकरी लग ही गयी...! उसे अमेरिका से एक बड़ी सॉफ्टवेर कंपनी से ऑफर आ गया...!  इस बात से रौनक बहोत खुश था... रौनक की ख़ुशी देख रौनक के माँ बाप भी बहोत खुश थे.... बस उन्हें इसी बात का दुःख था की उनके बुढ़ापे का एकलौता सहारा अब उनसे दूर हो जायेगा...! सही मौका देख रौनक ने अपने माता पिता से अपनी गर्ल फ्रेंड दिशा से शादी करने की बात की...! और थोड़े ही समय में दिशा की शादी हो गयी...! थोड़े दिनों में ही रौनक को नौकरी ज्व़ाइन करने अमेरिका जाना था... ! और रौनक अपने माँ बाप को अकेला छोड़ दिशा के साथ अमेरिका चला गया...! कई दिन गुजर गए... रौनक की माँ की तबियत भी ख़राब रहने लगी थी... वो हमेशा फोन पे अपने बेटे को इंडिया आने के लिए कहती...! माँ – बेटा तुझे गए साल भर बीत गया है... इसी बीच एक बार घर आ जा तो मैं तुझे और बहु को देख लू...! बेटा तू यही कोई नौकरी क्यों नहीं कर लेता...! रौनक ---  माँ ये अमेरिका है यहाँ से मुझे जल्दी छुट्टी नहीं मिलेगी और वैसे भी मेरे आने पे मेरे काम का बहोत नुकसान होगा... और बेकार का खर्चा अच्छा माँ अभी मैं फ़ोन रखता हूँ ! और फोन कट जाता है ! रौनक की माँ बहोत उदास हो गयी ! अपने बेटे के प्यार में उसके आँखों में आँसू आ गए... दिशा – तुम्हारी माँ अक्सर इंडिया आने की रट लगाये रहती है... उनसे हमारा सुख देखा नहीं जाता...! कुछ दिन बात न करो तो उनकी भी अक्ल ठिकाने आ जाएगी...! और फिर कई दिनों तक दोबारा रौनक क कोई फ़ोन नहीं आया ... इसी बीच रौनक की माँ के दिल में जोरो का दर्द उठा.... वो अपने आखिरी समय में अपने बेटे को देखना थी उससे अपने दिल की बात करना चाहती थी... रौनक के पिता जी बार बार रौनक को फोन करते रहे  पर रौनक का फ़ोन नहीं लगा...और दिशा ने जानबूझ कर बाबूजी का फ़ोन नहीं उठाया... रौनक की माँ का देहांत हो गया है...!  रौनक के पिता जी ने देहांत की खबर देने और अंतिम संस्कार के लिए रौनक की कंपनी में एक मेल भिजवाया... वो मेल भी रौनक को नहीं मिला...! इसी बीच एक दिन कंपनी के काम से रौनक का इंडिया जाना था...! रौनक ने ख़ुशी से अपने बाबूजी को फ़ोन किया और बोला रौनक – हेलो बाबूजी मैं रौनक बाबूजी मैं अगले हफ्ते इंडिया आ रहा हूँ... माँ को फोन ये खबर सुन माँ बहोत खुश होगी... हेलो हेलो बाबूजी आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे... हेल्लो हीलो बाबूजी...! ये सुन रौनक के पिता के आँखों से अशुओ की धार बहे जा रही थी...! वो बोले...! बाबूजी - बेटा अब तेरी माँ कभी खुश नहीं होगी...और अब वो तुझे कभी इंडिया आने के लिए भी नहीं कहेगी, क्युकी अब वो इस दुनिया में नहीं रही... और बेटे अब तुझे इंडिया आने की भी कोई जरुरत नहीं...! ये खबर सुन रौनक के आँखों आसू बहाने लगे... उसे अपनी भूल पर खूब पछतावा हुआ...! की काश उसने अपनी माँ की बात मान ली होती ! तो वो आखिरी बार अपनी माँ को देख पाता...!  पर अब बहोत देर हो चुकी थी...! 

इसलिए दोस्तों जिंदगी में सफल होने का ये मतलब नहीं... की आप अपने माँ बाप और उनके किये संघर्स और त्याग को भूल जाये...! और जब तक आपको इस बात का एहसास हो तब तक बहोत देर हो जाये... ! 

 

 

 

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