प्यार का सदमा | Pyar Ka Sadma | Heart Broken Love Story

12 Mar 2020
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प्यार का सदमा

  आयुष अपनी कार से घर लौट रहा था। अचानक उसके आगे चलने वाली कार से एक जवान लड़की का एक्सीडेंट हो गया। आयुष ने अपनी कार रोक दी लेकिन वह एक्सीडेंट करने वाला कार लेकर भाग निकला। उस लड़की के सर में और हाथ में चोट लग गई थी। आयुष ने झट से कार में रखे हुए कपड़े से उसके सर और हाथ पर पट्टी बांध दी और उसे कार में बैठाकर तुरंत हॉस्पिटल ले गया।

आयुष --आप चिंता न करें मैं आपको हॉस्पिटल ले चल रहा हूं। लड़की ने धीरे से हाथ हिलाया।

  हॉस्पिटल में इलाज शुरू हो गया। कुछ देर बाद डॉक्टर ने बताया-- अब वह बिल्कुल ठीक  है।  आप उनके..... आयुष--दोस्त हूं! वह लड़की यह सुन रही थी। आयुष उसके पास पहुंच गया। आयुष-- आप ठीक  हैं? लड़की --मैं बिल्कुल ठीक हूं! मेरी वजह से आपको परेशानी हुई!  आयुष --कोई परेशानी नहीं! बस आप ठीक हो जाओ! आपका नाम..  लड़की --- मेरा नाम कश्मीरा है आपका..? आयुष--आयुष..

कश्मीरा--यह दुनिया भी अजीब है!कोई ठोकर लगाता है। कोई आकर बचाता है।  आयुष --आप तो अच्छी शायरी कर लेती हैं। कश्मीरा -- यूं ही कभी कभी। शुक्रिया! अरे हां, आपको अपने घर भी जाना है! आयुष-- चला जाऊंगा!  आयुष ने डॉक्टरों से बात की तो पता चला कि कुछ दिनों तक उसे हॉस्पिटल में रहना पड़ेगा। डॉक्टर-- मि. आयुष, इन्हें पूरे साल भर बीच-बीच में अपना चेकअप कराना होगा। कभी-कभी याददाश्त चले जाने का खतरा रहता है। वह कश्मीरा के पास पहुंच गया। आयुष -- आप कहां रहती हैं, बताइए उन लोगों को इन्फॉर्म कर दूंगा। कश्मीरा ---यहां मेरे.....! इतना कहकर वह कुछ सोचने लगी! आयुष को आश्चर्य और दुख भी हुआ, वह सोचने लगा। आयुष --चलता हूं कल फिर आऊंगा। 

कश्मीरा ---आपने कितना पेमेंट किया है? आयुष --- आप उसकी चिंता मत करो! ओके बाय,सी यू टुमारो!

    आयुष वहां से चला तो रास्ते में उसी लड़की के बारे में सोचता रहा। इतनी खूबसूरत और जवान लड़की और अभी तक उसके घरवाले मिलने नहीं आए।

  दूसरे दिन शाम को आयुष अस्पताल पहुंच गया। आयुष ---कैसी हो कश्मीरा!  कश्मीरा ---बिल्कुल ठीक हूं! आयुष --- आप कश्मीर से हो? कश्मीरा -- देहरादून से हूं। आप?  आयुष --प्रयाग यूपी से!..... दोनों में खूब सारी बातें हुई। दोनों के चेहरे पर खुशी मचल रही थी। आयुष प्रतिदिन हॉस्पिटल आता रहा। उसे कश्मीरा से प्यार हो गया था।

  आज कश्मीरा को डिस्चार्ज कराने के लिए आयुष हॉस्पिटल में जल्द ही पहुंच गया। कश्मीरा को डिस्चार्ज कराना था। लेकिन कश्मीरा बेड पर नहीं थी। आयुष--- डॉक्टर, कश्मीरा कहां चली गई?

डॉक्टर --- उसके माँ बाप आये थे उसे ढूंढते उसे लेकर वो चले गए रेल स्टेशन पर .आयुष बहुत उदाश हो गया। 

आयुष स्टेशन के लिए रवाना हो गया।   ट्रेन छूटने वाली थी। वह दीवानों की तरह बाहर से हर बोगी में कश्मीरा की तलाश कर रहा था। कश्मीरा उसे कहीं भी नजर नहीं आ रही थी। अचानक उसे कश्मीरा की झलक मिल गई। वह विंडो के पास बैठी थी ! आयुष के हाथ दिखाने पर कश्मीरा ने उसे देखा और फिर अजनबी की तरह आंखें फेर ली। आयुष ने ‘कश्मीरा’  कहकर भी बुलाया लेकिन उसने सुना नहीं पर ऐसे देखा जैसे आयुष को पहचानती ही नहीं। गाड़ी सीटी बजा कर प्लेटफार्म छोड़ रही थी। आयुष विंडो पकड़कर दौड़ता रहा। कश्मीरा ने उसे न पहचानते हुए अपना मुंह फेर लिया।

ट्रेन उसकी कश्मीरा को लेकर चली गई और वह दुखी होकर देखता रह गया........

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